प्रोत्‍साहन एवं प्रशिक्षण योजना

संस्‍थान के कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को अधिक से अधिक बढ़ाने की दृष्टि से राजभाषा हिंदी में कार्य करने वाले संस्‍थान के संकाय सदस्‍यों, अधिकारियों, कर्मचारियों को निम्‍नांकित प्रोत्‍साहन योजनाओं के तहत पुरस्‍कृत किया जाता है।


राजभाषा विभाग, भारत सरकार द्वारा संचालित प्रोत्‍साहन योजनाएं

इस योजना के अंतर्गत हिन्दी अधिकारी और हिन्दी अनुवादक को छोड़कर, ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ व ‘सी ( एम.टी.एस.)’ श्रेणी के ऐसे सभी स्टॉफ सदस्यों के नाम जिन्होंने एक शैक्षिक वर्ष में, मूल टिप्पण व प्रारूपण तथा हिन्दी में किये गये अन्य कार्य जिनका सत्यापन किया जा सके, जैसे रजिस्टर में इन्दराज, सूची तैयार करना तथा लेखा का काम आदि में कम से कम 20 हजार शब्द हिन्दी में लिखे हों, विभागाध्यक्ष के कार्य संबंधी प्रमाणपत्र के साथ प्रत्येक वर्ष हिन्दी प्रकोष्‍ठ में मंगाये जाते हैं। प्राप्त नामों को गठित की गई पुरस्‍कार समिति को प्रस्तुत किया जाता है, जो किये गये कामकाज का मूल्यांकन करके कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किये जाने का अनुमोदन सक्षम प्राधिकारी से करती है तथा उनकी स्वीकृति के पश्चात हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं ।


इस योजना के तहत केन्‍द्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्‍थान, नई दिल्‍ली द्वारा हिंदी भाषा प्रशिक्षण एवं हिंदी टंकण प्रशिक्षण पत्राचार पाठ्यक्रम के माध्‍यम से प्रदान किया जाता है:-

(क) हिंदी भाषा प्रशिक्षण - केन्द्र सरकार के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के ऐसे समस्त अधिकारियों तथा अन्य कर्मचारियों के लिए हिंदी का सेवाकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य है, जिन्हें राजभाषा हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान नहीं है। यह प्रशिक्षण तीन प्रकार का होता है। प्रबोध, प्रवीण, प्राज्ञ। प्रबोध प्रारंभिक स्‍तर का प्रशिक्षण है। प्रवीण माध्‍यमिक स्‍तर का प्रशिक्षण है। प्राज्ञ हाईस्‍कूल स्‍तर का प्रशिक्षण है।

उपरोक्त पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले एवं उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को भारत सरकार की प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत नकद पुरस्कार + एकमुश्त पुरस्कार + एक वर्ष हेतु वेतनवृद्धि प्रोत्साहन स्वरुप प्रदान की जाती है।

(ख) हिंदी टंकण प्रशिक्षण – हिंदी टंकण प्रशिक्षण कंप्यूटर पर कार्य करने वाले लिपिक वर्ग के उन समस्त कर्मचारियों के लिए है, जो कंप्यूटर पर अपना कार्यालयीन कार्य हिंदी में सक्षम नहीं हैं तथा जिन्होंने अभी तक यह प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है।

यह प्रशिक्षण सभी वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए उपयोगी है। अतः स्वैच्छिक आधार पर यदि कोई भी अधिकारी व कर्मचारी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहे तो वे भी प्रवेश ले सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी जिनकी सेवानिवृत्ति प्रशिक्षण के आरंभ होने की तिथि से एक वर्ष या उससे कम शेष है, उन्हें इस पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जा सकता।

उपरोक्त पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले एवं उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को भारत सरकार की प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत नकद पुरस्कार + एकमुश्त पुरस्कार + एक वर्ष हेतु वेतनवृद्धि प्रोत्साहन स्वरुप प्रदान की जाती है।

हिंदी भाषा प्रशिक्षण हेतु मापदंड - केन्द्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, नई दिल्ली के अधीन पत्राचार द्वारा हिंदी में प्रबोध, प्रवीण तथा प्राज्ञ प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का विवरण मापदंड (क्राइटेरिया) सहित निम्नवत है :-

प्रबोध प्रशिक्षण पाठ्यक्रम यह प्रारंभिक स्तर का पाठ्यक्रम है। इसके लिए कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलगु, अंग्रेजी, मणिपुरी तथा मिजो भाषा-भाषी ऐसे समस्त संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी पात्र हैं, जिन्हें हिंदी का प्राइमरी स्तर का ज्ञान नहीं है। यह पाठ्यक्रम उन कार्मिकों के लिए पर्याप्त है जिन्हें कोई सचिवालयीन काम करने, टिप्पणियां लिखने या पत्र व्यवहार करने की आवश्कता नहीं होती।

प्रवीण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम यह माध्यमिक स्तर का पाठ्यक्रम है, इसमें प्रबोध परीक्षा उत्तीर्ण संकाय सदस्य, अधिकारी तथा कर्मचारी या ऐसे मराठी, सिंधी, मैथिली, संथाली, बोड़ो, डोगरी, नेपाली, गुजराती, बंगला, असमियां तथा ओड़िया भाषा-भाषी संकाय/अधिकारी/कर्मचारी सीधे प्रवेश ले सकते हैं जिन्हें हिंदी का मिडिल स्तर का ज्ञान नहीं है। यह प्रशिक्षण ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए पर्याप्त है जिन्हें सामान्यतः कोई सचिवालयीन काम करने की आवश्यकता नहीं होती, परंतु जिनके लिए हिंदी में पत्र व्यवहार तथा रिपोर्ट आदि का काम करने के लिए हिंदी का ज्ञान आवश्यक हो।

प्राज्ञ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम यह हाई स्कूल स्तर का हिंदी पाठ्यक्रम है। इसमें प्रवीण परीक्षा उत्तीर्ण संकाय सदस्य, अधिकारी तथा कर्मचारी व ऐसे उर्दू, कश्मीरी, पंजाबी व पश्तो भाषा-भाषी संकाय, अधिकारी/कर्मचारी प्रवेश ले सकते हैं जिन्हें मैट्रिक स्तर तक का हिंदी का ज्ञान नहीं है। हिंदी न जानने वाले ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए जिन्हें सचिवालयीन कार्य, टिप्पणी-लेखन तथा पत्र व्यवहार करना पड़ता है, प्राज्ञ प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है।

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हिंदी शब्द संसाधन (हिंदी टाइपिंग) पत्राचार पाठ्यक्रम प्रशिक्षण, नामांकन प्रपत्र डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे
हिंदी भाषा पत्राचार स्कंध, केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, नामांकन प्रपत्र डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे

केंद्रीय हिंदी निदेशालय, उच्चतर शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार हिंदी में शिक्षा विषयक मौलिक लेखन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष एक-एक लाख रुपये के पांच पुरस्कार प्रदान करता है।

इस योजना के अन्तर्गत ज्ञान के विविध क्षेत्रो यथा, शिक्षा नीति, शिक्षण पदधति, समाजशास्त्र, दर्शन, राजनीतिक चिंतन, संस्कृति, संचार माध्यम, नीतिशास्त्र, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी, आयुर्विज्ञान, विधि, राजनीति विज्ञान, पर्यावरण एवं शिक्षा संबंधी विषयों पर हिंदी तथा हिंदीत्तर भाषी लेखकों की मूल रूप से हिंदी में लिखित उत्कृष्ठ मौलिक तथा चिंतनपरक प्रकाशित पुस्तकें मान्य होंगी। सृजनात्मक साहित्य, पाठय, पुस्तकें, शोध प्रबंध तथा अनूदित ग्रंथ इस योजना के अंतर्गत विचारणीय नहीं होंगे।

पात्रता:- भारत के किसी भी क्षेत्र के लेखक या उनकी ओर से प्रकाशक इस योजना के अन्तर्गत अपनी पुस्तकें भेज सकते हैं। अप्रवासी भारतीय अथवा विदेशी हिंदी विद्वान भी इस योजना में भाग ले सकते हैं। केंद्रीय हिंदी निदेशालय के अधिकारी तथा कर्मचारी इस योजना के अंतर्गत भाग लेने के पात्र नहीं होंगे। भारत सरकार के अन्य मंत्रालयों/कार्यालयों/राज्य सरकार के अधिकारी/ कर्मचारी अपने विभाग की अनुमति लेकर इस योजना में भाग ले सकते हैं।


संस्‍थान द्वारा संचालित प्रोत्‍साहन योजना :-

संस्थान के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की पूर्व प्रोफेसर आशा कपूर द्वारा राजभाषा हिंदी में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षणेत्तर अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए रु. 10,000/- नकद का एक पुरस्कार स्थापित किया गया है, जिसका नाम ‘प्रो. आशा कपूर राजभाषा उत्‍कृष्‍टता पुरस्कार’ है।

हिदी में प्रमाणित किए जा सकने योग्य कार्य जैसे- हिंदी में फाइलों पर टिप्पणियां, पत्रों के उत्तर, अपने आवेदन पत्र, हस्ताक्षर, रजिस्टरों में प्रविष्टियां, डिक्टेशन देना, ई-मेल भेजना, अनुवाद कार्य, कंप्यूटर पर हिंदी में कार्य, रिपोर्ट बनाना, हिंदी में पुस्तक, मोनोग्राफ, शोध प्रबंध, समाजोपयोगी लेख आदि लिखने तथा हिंदी में कार्य करने के लिए अपने सहयोगियों को प्रोत्साहित करने एवं उनकी सहायता करने पर संस्थान के शिक्षणेत्तर अधिकारियों/कर्मचारियों (क,ख, एवं ग वर्ग) को प्रतिवर्ष संस्थान के हिंदी दिवस समारोह में 10,000/-रुपये का यह नकद पुरस्कार एवं उल्लेख पत्र प्रदान किया जाता है।