मानव के हिसाब से 160 वर्ष का समय एक लंबा समय है । लेकिन इतने लंबे समय तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की उत्कृष्टता का एक केन्द्र बना रहा है । यह भारत का प्रचीनतम तकनीकी संस्थान हैं, तथा इसका मूल, 1847 में स्थापित हुये थॉमसन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में विद्यमान है । इस संस्थान को स्वतंत्र भारत के प्रथम तकनीकी विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया । रुड़की विश्वविद्यालय ने शीघ्र ही उत्कृष्टता के एक केन्द्र के रूप में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति अर्जित कर ली तथा वर्ष दर वर्ष विश्व को कुछ सर्वोत्तम इंजीनियर्स देने के लिये विख्यात हुआ । वर्ष 2001 में इस विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय महत्व का एक संस्थान घोषित करते हुये इसे भारतीय प्रद्योगिकी संस्थान का दर्जा प्रदान किया गया । थॉमसन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से एक आईआईटी बनने तक इस संस्थान ने एक यात्रा पूरी की है और हमें इस स्थान पर होने, इसकी गौरवशाली परंपराओं में सहभागिता रखने व अपने विनम्र तरीके से इसमें कुछ जोड़ पाने का तथा समान रूप से थॉमसोनियन और आईआईटीयन होने का गर्व है ।
अब संस्थान को जानने में अपना कुछ समय दें, वेबसाइट पर भ्रमण से प्रारंभ करें । आप नवांगतुकों द्वारा अक्सर पूछे जान्र वाले प्रश्नों के अनुभाग को देखना चाहेंगें जिसमें उन सभी सूचनाऒं का भंड़ार है जिन्हें आप संस्थान के बारे में पूछना चाहते हैं । उन सभी सुविधाऒं को देखें जो आपको उपलब्ध कराई गई हैं, आपके समक्ष शीघ्र ही जीवंत होने वाली झलकियों का आनंद लें, तथा वह सभी कुछ जानें जो कुछ भी आप आईआईटी. रुड़की के बारे में जानना चाहते थे ।